अध्याय - 3: भारत के भौतिक प्रदेश
भारत की भूगर्भिक संरचना और उच्चावच में अत्यधिक विविधता पाई जाती है। भू-आकृतिक संरचना के आधार पर भारत को प्रमुख भौतिक प्रदेशों में विभाजित किया जाता है, जो देश के आर्थिक विकास, जलवायु और जैव विविधता को प्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करते हैं।
1. भारत के प्रमुख भौतिक प्रदेश
धरातलीय स्वरूप और विशेषताओं के आधार पर भारत को मुख्य रूप से निम्नलिखित भौतिक विभागों में बांटा गया है:
- उत्तर तथा उत्तर-पूर्व हिमालय पर्वतमाला: नवीन वलित पर्वत श्रृंखला जो देश की उत्तरी सीमा बनाती है।
- उत्तर भारत का विशाल मैदान: सिंधु, गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों द्वारा लाई गई जलोढ़ मिट्टी से निर्मित उपजाऊ क्षेत्र।
- प्रायद्वीपीय पठार: प्राचीन गोंडवाना लैंड का हिस्सा, जो खनिज संपदा से परिपूर्ण है।
- भारतीय मरुस्थल: थार का मरुस्थल जो देश के पश्चिमी भाग में स्थित है।
- तटीय मैदान: पूर्वी और पश्चिमी तट पर विस्तृत संकीर्ण मैदानी भाग।
- द्वीप समूह: बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में स्थित भारतीय द्वीप।
2. हिमालय पर्वत श्रृंखला का वर्गीकरण
उत्तर का पर्वतीय क्षेत्र भारत की प्रहरी के रूप में कार्य करता है। इसे समानांतर श्रृंखलाओं के रूप में विभाजित किया जाता है:
- वृहत हिमालय (Greater Himalaya / Himadri): यह हिमालय की सबसे ऊँची श्रृंखला है, जिसमें विश्व की सर्वोच्च चोटियाँ स्थित हैं।
- मध्य हिमालय (Lesser Himalaya / Himachal): वृहत हिमालय के दक्षिण में स्थित यह श्रृंखला अपने स्वास्थ्य वर्धक स्थलों और घाटियों के लिए प्रसिद्ध है।
- शिवालिक हिमालय (Outer Himalaya): यह हिमालय की सबसे बाहरी और नवीनतम दक्षिणी श्रृंखला है।
💡 मुख्य बिंदु एवं विशेषताएँ
• हिमालय की उत्पत्ति टेथिस सागर (Tethys Sea) के मलबे से हुई है।
• भारत की सबसे ऊँची चोटी के टू (K2 / गॉडविन ऑस्टिन) काराकोरम श्रेणी में स्थित है।
• भारत की सबसे ऊँची चोटी के टू (K2 / गॉडविन ऑस्टिन) काराकोरम श्रेणी में स्थित है।
3. उत्तर भारत के मैदान का प्रादेशिक विभाजन
निक्षेपण की प्रक्रिया और उच्चावच के आधार पर उत्तर भारत के विशाल मैदान को चार प्रमुख भागों में बाँटा गया है:
| क्षेत्र का नाम | मुख्य विशेषता / विवरण |
|---|---|
| भाभर (Bhabhaar) | शिवालिक के गिद्धपाद क्षेत्र में कंकड़-पत्थरों से निर्मित जहाँ नदियाँ विलुप्त हो जाती हैं। |
| तराई (Tarai) | भाभर के दक्षिण में नम और दलदली क्षेत्र जहाँ विलुप्त नदियाँ धरातल पर प्रकट होती हैं। |
| बांगर (Bangar) | पुराने जलोढ़ मिट्टी से निर्मित ऊँचा मैदान जहाँ बाढ़ का पानी नहीं पहुँच पाता। |
| खादर (Khadar) | नवीन जलोढ़ मिट्टी से निर्मित उपजाऊ मैदान जहाँ प्रतिवर्ष बाढ़ का नया पानी पहुँचता है। |